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रिश्तों की उधेड़बुन (कहानी प्यार, विश्वास और धोखे की )– भाग 2

Posted On: 30 Mar, 2011 मस्ती मालगाड़ी में

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रिश्तों की उधेड़बुन – भाग 1 LOVE STORY IN HINDI


दया को निशा पहली ही नजर में पसंद आ जाती है. दया का अपना कार का गैराज है. दया अच्छा खासा कमाता खाता और थोड़ा बहुत पैसे वाला है पर शक्ल सुरत में निशा से थोड़ा उन्नीस ही है. पर फिर भी निशा को लगता है जब ललित ने साथ छोड़ ही दिया है तो फिर वो क्यू उसके लिए मरती रहे इसलिए उसने भी सोच लिया कि वह दया के साथ ही अपनी जिंदगी काटेगी.


निशा ने किसी तरह अपने परिवार वालों से दया के बारें में बात की और निशा के माता पिता को भी दया पसंद आ गए और बड़ी धूम  धाम से दोनों की शादी हुई. शादी के बाद निशा अपने ननिहाल की छाव छोड़ उस इंसान के घर चल पड़ी जिसके साथ उसकी मात्र दो ही मुलाकात हुई थी.

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Trust कहते है ना अगर पहले किसी चीज को इस्तेमाल ना करे और उसपर हद से ज्यादा विश्वास कर लें तो वह नुकसानदायक होती है. और भारत में जहां शादी एक ऐसा बोझ है जिसे मां बाप बच्चों के ऊपर थोप देते हैं, बिना यह सोचे समझें कि उससे बच्चों के ऊपर क्या असर पड़ेगा और यहां अगर शादी के बाद तलाक ले लो तो दूनिया वालों की नजरें ही इंसान को मार डालती हैं.


निशा ने दया को अपने जीवन का हमसफर तो बना लिया पर अपने हमसफर के साथ साथ उसे अपने पूर्व प्रेमी की भी याद आती रही. शायद इसमें गलती दया की हो पर वह  भी क्या करें जब निशा के दिल के कौने में ही ललित की तस्वीर जमा बैठी थी.
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निशा ने शादी के एक साल बाद दुबारा ललित से बात चीत करना शुरु कर दिया. इसी दरमियां दया की मां का निधन हो गया और दया के भाईयों ने जायदाद के लिए कानूनी लड़ाई शुरु कर दी. एक ही झटके में दया अकेला हो गया, पर यहां उसके सहारे के लिए निशा हमेशा खड़ी रहीं. घर बंट गए और निशा और दया अकेले रहने लगे.


लेकिन शायद निशा का परिवार वालों से अलग होना उसके लिए अच्छा ही साबित हुआ. निशा को अब एक अच्छा मौका मिल गया ललित से मिलने का. फोन पर बातचीत से दोनों की करीबी इतनी बढ़ गई कि अब ललित दया की गैर मौजुदगी में निशा से मिलने आ जाता था. लेकिन यहां यह बताना जरुरी है कि दोनों के बीच कुछ हुआ नहीं. सिर्फ चाय, बातचीत बस. लेकिन दिलों के तुफान में यह थोड़ी सी दूरी कब तक बंट पाती.


अगले भाग में पढ़े किस तरह शादी-शुदा होने के बाद भी निशा ने मर्यादा की सीमाएं लांघी?


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Tag: Love Story, Love Story in Hindi Font, prem Kahani, Prem Kahani in Hindi



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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

raj patil के द्वारा
September 19, 2013

sabse pahle ye jankari kro ki aap se pahle ladki kisi or se bat (pyar)to nahi karti thi

Vishal Kumar के द्वारा
August 6, 2012

मेरा नाम विशाल है में delhi में रहता हूँ मै ज्योति नाम की लड़की से बहुत प्यार करता हूँ वो बंगाल की रहने वाली है पर वो delhi में जिस के घर रहती है वो ओरत गलत है मैंने उसे बंगाल अपने घर भेजा पर वो दुबारा झूठ बोल क़र delhi उसी के घर आ गई इसलिए मेरी ज्योति से लड़ाई हो गई वो मेरी कोई बात नहीं मानती अब बताओ मै क्या करू मुझे उससे बात करनी चहिये या नहीं please halp me

sumit tyagi के द्वारा
July 26, 2012

dear sir pls. tyagi samaj par ek kavita post kar dijaye, aap ko bhout bhout aabhar hoga sir pls. meri yhe request hai aap se sumit tyagi

tarun के द्वारा
June 21, 2012

gd


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